ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

यह भी अपने-आप में बड़ी सिद्धि है


कार्य की सफलता उद्यम से होती है । जो प्रयत्नशील एवं उद्यमशील रहता है उसी के कार्य सिद्ध होते हैं, आलसी के नहीं । जंगल का राजा होने के बाद भी सोये हुए सिंह के मुख में मृग स्वयं प्रवेश नहीं करते, उसे भी उद्यम करना पड़ता है । जर्मनी में जोजफ बर्नडार्ड नामक एक …

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ईश्वर का दर्शन कैसे हो ?


भगवत्पाद साँईं श्री लीलाशाहजी महाराज प्राकट्य दिवसः 28 मार्च 2019 किसी जिज्ञासु ने साँईं श्री लीलाशाहजी महाराज से निवेदन कियाः “स्वामी जी ! ईश्वर का दर्शन कैसे हो सकेगा ?” स्वामी जी ने कहाः “ईश्वर का दर्शन करने से पहले मुझे यह बताओ कि तुम कौन हो ? क्या होंठ हो, कान हो, मांस हो, …

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किसको कहते हैं ऊँची पढ़ाई और तुच्छ पढ़ाई ? – पूज्य बापू जी


जिनके जीवन का लक्ष्य ऊँचा नहीं है वे हलकी इच्छाओं में, हलके दिखावों में, हलके आकर्षणों में खप जाते हैं । जीवन का कोई ऊँचा ध्येय बना लेना चाहिए और ऊँचे में ऊँचा ध्येय तो यह है कि जीवनदाता का अनुभव करें । अनंत ब्रह्मांडों का जो आधार है उसका साक्षात्कार करना ऊँचा लक्ष्य है …

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