ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

ज्ञान क्या है, कैसा है ?


जो वस्तु जैसी है उसको ठीक-ठीक वैसी ही जानने का नाम ‘ज्ञान’ है । अन्य वस्तु को जानना हो तो उसके लिए कान, त्वचा, नेत्र आदि करणों का उपयोग करना पड़ता है । आप देखेंगे कि विषय अनेक होते हैं परंतु उन्हें देखने के लिए प्रकाश एक होता है । अब तक आपने कितने रूप …

Read More ..

शक्ति की वृद्धि कैसे करें ?


जिस प्रकार श्रम करने के लिए शरीर बलवान तथा अभ्यासी होना चाहिए, शब्द, स्पर्श, रूप, रसादि विषय ग्रहण करने के लिए इन्द्रियों में शक्ति होनी चाहिए अथवा किसी बात को मानने और उसी का मनन करने के लिए मन में स्वीकृति की भावना होनी चाहिए, उसी प्रकार विद्या-प्राप्ति व विचार करने के लिए बुद्धि में …

Read More ..

गुरुमंत्र के प्रभाव से एक ने पाया ऋषि पद ! – पूज्य बापू जी


इतरा माता का पुत्र बालक ऐतरेय बाल्यकाल से ही जप करता था । वह न तो किसी की बात सुनता था, न स्वयं कुछ बोलता था । न अन्य बालकों की तरह खेलता ही था और न ही अध्ययन करता था । आखिर लोगों ने कहाः “यह तो मूर्ख है । कुछ बोलता ही नहीं …

Read More ..