Satsang

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उन्नति के सोपान – भाग १


  http://www.hariomgroup.info/hariomaudio_satsang/Title/album/Upnishadon-Ka-Amrit/Unnati-Ke-Sopan/Unnati-Ke-Sopan-1.mp3   श्रद्धावान लभते ज्ञानं तत्परः संयतेन्द्रियः। ज्ञानं लब्ध्वा परां शान्तिम् अचिरेणाऽऽधिगच्छति॥ श्रद्धावान, तत्पर और जितेंद्रिय पुरुष ज्ञान प्राप्त करता है। ज्ञान को प्राप्त करने से शीघ्र ही वो परम् शांति को प्राप्त होता है। जिसको हम ज्ञान कहते है कृष्ण की भाषा में वो ज्ञान परमात्म तत्व से संबंधित ज्ञान है।एक होता है …

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क्या प्रत्येक मनुष्य मुक्ति का अधिकारी नही ?


  संसार से वैराग्य होना कठिन है। वैराग्य हो भी जाए तो कर्मकांड से मन उठना कठिन है। कर्मकांड से उठ भी गए तो ध्यान में लगना मन का कठिन है। ध्यान में लग गए तो तत्वज्ञानी गुरु मिलना कठिन है। तत्वज्ञानी गुरु मिल भी गए तो उनमें श्रद्धा होना कठिन है। श्रद्धा हो भी …

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वृत्ति से निवृत्ति


http://www.hariomgroup.info/hariomaudio_satsang/Title/2015/May/Vritti-Se-Nivritti.mp3 बिना अध्यास के कोई कार्य नही होता और ये अध्यास जब तक बना रहता है तब तक सत्य का बोध नही होता। सत्य का साक्षात्कार नही होता और सत्य का साक्षात्कार जब तक नही होता तब तक जीव घटि यंत्र की नाई घूमता रहता है। ॐ ॐ ॐ ॐ पचास साल संसार में भटके …

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