आत्मीय भाई बहनों,
आज मीडिया के कुछ चैनल, हमारे देश, समाज श्रद्धा और विश्वास को तोड़ने वाली ताकतों के इशारों से अपना कर्त्तव्य भूलकर ब्रेकिंग न्यूज़ के नाम से हमारी श्रद्धा भक्ति और संवैधानिक अधिकारों का हनन कर देश और समाज को तोड़ रहे है|ब्रेकिंग न्यूज़ का अर्थ ही है तोड़ने वाली खबर |
प्यारे गुरुभाई बहनों, हमें गुरु ने तोड़ना नहीं जोड़ना सिखाया है | विघटनकारियों के भड़काने से भड़ककर, या गुरु की निंदा देख सुनकर, या इनके कहने पर SMS करके हम पाप के भागी बनने के साथ साथ बेवकूफ भी बनाए जा रहे है |
जानिए इनकी षडयंत्र की हकीकत :
- ये लोग अच्छे से जानते है की पूज्य बापुजी के साधको की संख्या करोडो में है |
- बेजवाबदार मीडिया पूज्य बापुजी के विरुद्ध चल रही साजिशों को मनमाने ढंग से कहानिया फिल्मांकित करके, घृणित आलोचना कर देश एवं समाज की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहा है |
- इन सबके होसले बढाने मे आप हम सभी साधक भागीदार हो रहे है | आज सभी चैनल गंदे से गंदा व घटिया आरोप लगा कर अपनी TRP (Viewership) बढाने की होड़ मे लगा है | क्योंकि उन्हें पता है की करोडो की संख्या में साधक जरूर देखेंगे | और साथ ही SMS Polling से लाखो साधको द्वारा भेजे गए SMS से करोडो रुपये (रु.२ प्रति SMS) भी इन चैनलों के पास बैठे बैठाए ही पहुच रहे है | और इन सब के कारण मीडिया जगत को और बढावा मिल रहा है, तथा इनके बहकावे में आकर हम सब साधक भी बेवकूफ बन रहे है |
- अत: आप सभी समझदार, प्रबुद्ध एवं बुद्धिमान गुरुभाई बहनों से प्रार्थना है की अपने घरो से इन अभागे चैनलों का कनेक्शन ही कटवा दे या इन्हें देखना ही छोड़ दे | तभी इनकी बकवास अपने आप ख़त्म हो जाएगी | आपके बहुमूल्य समय को पूज्य बापुजी के द्वारा दिए गए मंत्र का अधिक से अधिक जप कर पुन: शांति की स्थापना मे भागीदार बने |
- दुर्भाग्यवश गुरु की आज्ञा में न रहकर , मनमानी करने या अपनी बुरी आदतों के कारण, पुज्यश्री के सिद्धांतो के खिलाफ़, अपनी वासना को पोषित करने के कार्य मे संलग्न, आश्रम से निकले पुराने आश्रमवासी साधक, आश्रम के विरुद्ध चल रहे कु-प्रचार मे सम्मिलित हो कर बदले की भावना से, मनमाने ढंग से झूठे, निराधार आरोप लगा रहे है | ऐसे अभागे अपने को और अपने कुल-खानदान को तो बरबाद कर ही रहे है, साथ ही इन विरोधी ताकतों के साथ मिलकर भड़काऊ मीडिया पर करोडो साधको के ह्रदय को व्यथित करने का पाप भी कर रहे है |
- स्थूल संसार को चलाने वाली शक्ति सुक्ष्म जगत से आती है | जप, ध्यान एवं साधना से हमारी दिव्य शक्तिया जागृत होकर हमारे तथा पुरे समाज के सुख, शान्ति एवं समृद्धि में सहयोगी होती है | अत: अपनी वृत्तियों को इन कुप्रचारो मे भटकने से बचाकर, पूज्य बापुजी द्वारा बताए गए साधनों से अंतर्मुख होकर शुभ संकल्पों की पूर्ति के लिए प्रयास करे |
- हरि ॐ |
कौन चलाता है भारत का मीडिया?
प्राच्य विषयों के प्रमुख जानकार और प्रसिद्ध विद्वान एन. एस. राजाराम ने अपनी खोज के आधार पर स्पष्ट किया है कि भारत का तथाकथित मीडिया बड़े पैमाने पर विदेशी शक्तियों द्वारा संचालित है। इस संबंध में उन्होंने एक विस्तृत सूची तैयार की है।
- मलयालम मनोरमाः केरल का प्रमुख समाचार पत्र समूह केरल में कोच्चि स्थित मैथ्यू परिवार के नियंत्रण में है।
- एन.डी.टी.वी. इसे स्पेन स्थित गॉस्पेल्स ऑफ चैरिटी से आर्थिक सहायता प्राप्त होती है। हाल ही में पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने इस चैनल को पाकिस्तान में प्रसारित होने की छूट दी है, जिसके परिणामस्वरूप इस चैनल ने पाकिस्तान के प्रति नरम रवैया अपना रखा है। इसी के साथ एन.डी.टी.वी के स्वामी प्रणय राय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव प्रकाश करात के रिश्तेदार भी हैं।
- सी.एन.एन. – आई.बी.एन. – इसे नाउदर्न बैपटिस्ट चर्च शत-प्रतिशत आर्थिक सहायता प्रदान करता है और समस्त विश्व में इसकी शाखाएँ हैं तथा इसका मुख्यालय अमेरिका में है। यह चर्च प्रति वर्ष अपने चैनल के विस्तार के लिए 800 मिलियन डॉलर खर्च करता है। भारत में इसके प्रमुख राजदीप सरदेसाई हैं।
- टाइम्स ग्रुपः द टाइम्स ऑफ इण्डिया, मिड डे, नवभारत टाइम्स, स्टार डस्ट, फेमिना, विजय टाइम्स, विजय कर्नाटक, टाइम्स नॉव (24 घण्टे का समाचार चैनल) इस ग्रुप के प्रमुख पत्र-पत्रिकाएँ या चैनल हैं। इस ग्रुप का स्वामित्व बेनेट कोलमैन एण्ड कम्पनी लिमिटेड के पास है। इस ग्रुप को 80 प्रतिशत आर्थिक सहायता वर्ल्ड क्रिश्चियन कांउसिल द्वारा प्राप्त होती है और शेष 20 प्रतिशत एक अंग्रेज तथा एक इतालवी व्यक्ति द्वारा दी जाती है। इतालवी राबर्टियो मिण्डो श्रीमती सोनिया गाँधी का करीबी रिश्तेदार है।
- स्टार टी.वी. – एक आस्ट्रेलियाई इसका संचालन करता है, जिसे मेलबार्न स्थित सेन्ट पीटर्स पोन्टीफिकल चर्च द्वारा सहायता प्राप्त होती है।
- हिन्दुस्तान टाइम्सः मूलरूप में बिरला ग्रुप के स्वामित्व में था परन्तु अब यह टाइम्स ग्रुप के सात सहयोग में चल रहा है।
- द हिन्दूः 125 वर्ष पूर्व आरम्भ हुआ यह समाचार पत्र कुछ दिन पूर्व स्विटज़रलैण्ड में बर्न की जोशुआ सोसायटी द्वारा अपने हाथ में ले लिया गया है।
- द इण्डियन एक्सप्रेसः यह द इण्डियन एक्सप्रेस और द न्यू इण्डियन एक्सप्रेस नामक दो समूहों में विभाजित है। द न्यू इण्डियन एक्सप्रेस दक्षिण का संस्करण है। द इण्डियन एक्सप्रेस में एक्ट्स मिनिस्ट्रीज (चर्च का भाग) का काफी बड़ा अंश है।
- इनाडूः इसका नियंत्रण अभी भी भारतीय रामोजी राव के हाथ में है।
- आन्ध्र ज्योतिः हैदराबाद के प्रमुख मुसलिम राजनीतिक दल एम.आई.एम. ने एक कांग्रेस मंत्री के साथ मिलकर इस तेलगू दैनिक को अभी हाल ही में खरीद लिया है।
- द स्टेटस्मैनः इसका नियंत्रण कम्यूनिस्ट पार्टी के हाथ में है।
- कैराली टी.वी. – इसका नियंत्रण मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी के हाथ में है।
- मातृभूमिः मुसलिम लीग और कम्यूनिस्ट नेताओं ने इसमें भारी निवेश कर रखा है।
- द एशियन एज और द डेक्कन क्रोनिकलः इसका नियंत्रण साउदी अरब की एक कम्पनी के हाथ में है और इसके प्रधान सम्पादक एम.जे.अकबर हैं।
(विसंके)
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