श्राद्ध पक्ष

जो श्रद्धा से दिया जाये उसे श्राद्ध कहते हैं।

Shraaddh Paksh
 
 
पितृ पक्ष कैलेंडर 2020
(1 से 17 सितम्बर 2020)
1 सितम्बर 2020
मंगलवार - पूर्णिमा का श्राद्ध, महालय श्राद्धारम्भ
2 सितम्बर  2020
बुधवार  - प्रतिपदा का श्राद्ध
3 सितम्बर  2020
गुरुवार - द्वितीया का श्राद्ध
5 सितम्बर  2020 शनिवार - तृतीया का श्राद्ध
6 सितम्बर  2020 रविवार - चतुर्थी का श्राद्ध
7 सितम्बर  2020 सोमवार - पंचमी का श्राद्ध
8 सितम्बर  2020  मंगलवार - षष्ठी का श्राद्ध
9 सितम्बर  2020 बुधवार  - सप्तमी का श्राद्ध
10 सितम्बर  2020 गुरुवार - अष्टमी का श्राद्ध
11 सितम्बर  2020 शुक्रवार - नवमी का श्राद्ध
12 सितम्बर  2020 शनिवार - दशमी का श्राद्ध
13 सितम्बर  2020 रविवार - एकादशी का श्राद्ध
14 सितम्बर  2020 सोमवार -द्वादशी का श्राद्ध
15 सितम्बर  2021 मंगलवार - त्रयोदशी का श्राद्ध
16 सितम्बर  2020 बुधवार  - आग-दुर्घटना-अस्त्र-शस्त्र-अपमृत्यु से मृतक का श्राद्ध
17 सितम्बर  2020 गुरुवार – सर्वपित्री अमावस्या का श्राद्ध, चतुर्दशी का श्राद्ध, महालय 

श्राद्ध पक्ष का संदेश

भगवान कहते हैं : ‘वैदिक रीति से अगर आप मेरे स्वरूप को नहीं जानते हो तो श्रद्धा के बल से जिस-जिस देवता के, पितर के निमित्त जो भी कर्म करते हो, उन-उनके द्वारा मेरी ही सत्ता-स्फूर्ति से तुम्हारा कल्याण होता है । देवताओं को पूजनेवाले देवताओं को प्राप्त होते हैं, पितरों को पूजनेवाले पितरों को प्राप्त होते हैं, भूतों को पूजनेवाले भूतों को प्राप्त होते हैं और मेरा पूजन करनेवाले भक्त मुझको ही प्राप्त होते हैं । इसलिए मेरे भक्तों का पुनर्जन्म नहीं होता ।‘ अतः श्राद्ध तो करो लेकिन ‘पितरों में, देवताओं में जो सत्ता है, वह मेरे प्रभु की है ।‘ प्रभु की सत्ता सर्वत्र देखने से सर्वेश्वर प्रभु की स्मृति हो जायेगी । आपका कर्म परमात्मा को संतुष्ट करनेवाला हो जायेगा ।

 

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