Thought of the day

जीव के प्रत्येक कार्य के पीछे ईश्वर की सत्ता है। ईश्वर की सत्ता जब तक महसूस नहीं होती तब तक मनुष्य अहं में, जीवभाव में बैठा होता है। जब तक मनुष्य सत्संग नहीं करता तब तक उसे ईश्वर के रस की अनुभूति नहीं होती। जब तक ईश्वरीय रस की अनुभूति नहीं होती तब तक बाहर के रस का आकर्षण-विकर्षण एवं अशांति नहीं मिटती एवं दुःख निर्मूल नहीं होते।

पूज्य संत श्री आशारामजी बापू

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Gantantra Divas : 26th Jan

Gantantra Divas
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