ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

सेवा में सावधानी


http://www.hariomgroup.info/hariomaudio_satsang/Title/2015/May/Seva-Me-Savdhani.mp3   सेवा वाला जो अधिकार चाहता है , सेवा में जो अधिकार के लोलुप होते है .. जो शुरू में अधिकार चाहता है ..मैं ये करूँगा,ये नहीं  करूँगा..वो सेवक होने में नालायक होता है! सेवक तो हनुमानजी है ! कोई अधिकार की ख्वाहिश नहीं ! और ये करूँगा… ये नहीं  करूँगा….. नहीं, जिस समय जो सेवा …

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आज्ञापालन एवं एकनिष्ठा का प्रभाव


ब्रह्मवेत्ता महापुरुष का आज्ञापालन, उनके प्रति एकनिष्ठा महान बना देती है और परम पद की प्राप्ति करा देती है । इस तथ्य का प्रतिपादन करने वाली एक कथा पद्म पुराण के भूमि खंड में आती है । द्वारका नगरी में योगवेत्ता, वेदवेत्ता शिवशर्मा ब्राह्मण रहते थे । उनके पाँच शास्त्रज्ञ, गुरुभक्त, पितृभक्त पुत्र थे, जिनकी …

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ईश्वरप्राप्ति के अनुभव का सबसे सुलभ साधन-पूज्य बापू जी


प्रेमास्पद के प्रति प्रेम का आरम्भ है – निष्काम सेवा, सत्कर्म । सेवा प्रेम का आरम्भ है  और प्रेम सेवा का फल है । फिर सेव्य और सेवक दो दिखते हैं लेकिन उनकी प्रीति एकाकारता को प्राप्त हो जाती है । जैसे, एक ही कमरे में दो दीये दिखते हैं लेकिन प्रकाश दोनों का एक …

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