ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

पूज्य बापूजी के सद्भावना-वचन : जोधपुर से एतिहासिक सत्संग


    पूज्य बापूजी ने हमेशा कानून-व्यवस्था को सहयोग दिया है एवं अपने साधकों को भी धैर्य व शांति बनाये रखने का संदेश समय-समय पर देते रहे हैं । जोधपुर कोर्ट का निर्णय आने के परिप्रेक्ष्य में पुलिस प्रशासन को सहयोग हो इसलिए पूज्य बापूजी ने पहले ही सभी साधकों को संदेश दिया था कि …

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समाजोत्थान में संतों की महती भूमिका


सच्चे संत जाति, धर्म, मत, पंथ, सम्प्रदाय आदि दायरों से परे होते हैं। ऐसे करुणावान संत ही अज्ञान-निद्रा में सोये हुए समाज के बीच आकर लोगों में भगवद्भक्ति, भगवद्ज्ञान, निष्काम कर्म की प्रेरणा जगा के समाज को सही मार्ग दिखाते हैं, जिस पर चल के हर वर्ग के लोग आध्यात्मिकता की ऊँचाईयों को छूने के …

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लोग निंदा करें तो भले करें, तुम सेवा करते रहो


– भगवत्पाद साँईं श्री लीलाशाह जी महाराज तुम्हें ये वचन सुनाता हूँ तो यह भी सेवा है। तुम कहोगे कि ‘स्वामी जी ! सेवा का अभिमान होगा।’ अरे नहीं, मैं समाज का ऋणी हूँ। सेवा करके समाज का ऋण उतार रहा हूँ। परोपकार तभी करूँ जब ऋण न हो। गृहस्थ में रहकर भी सेवा करो। …

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