Satsang

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सुविचार आए तो पकड़ लेना चाहिए


जो ऊँचे विचार आते हैं वो दुनिया के और किसी उपाय से  नहीं आते । एक नीचा विचार करोडों आदमियों को परेशान कर देता हैं । रावण का एक छोटा विचार देखो पूरे लंका को परेशान कर दिया, वानरों को परेशान कर दिया…रावण का एक नीचा विचार! ऐसे ही सिकंदर का , हिटलर का एक …

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सतशिष्य के लक्षण


जो सतशिष्य है वह मान और मत्सर से रहित अपने कार्य में दक्ष,ममता रहित , गुरू में दृढ़ प्रीतिवाला, निश्चल चित्त और परमार्थ का जिज्ञासु, ईर्ष्या से रहित और सत्यवादी होता है। इस प्रकार के नौ सद्गुणों से सुसज्जित जो होता है वो सतशिष्य सद्गुरु के थोड़े उपदेश मात्र से साक्षात्कार करके जीवनमुक्त पद में …

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हम सँवित मात्र है


वामन- विष्णु, जीव-शिव, परिछिन्न-व्यापक, कार्य-कारण… रुई कारण है और धागा कार्य है लेकिन कपड़े को देखो तो कपड़ा कार्य है और धागा कारण है । ठीक है न? धागा निकाल दो तो कपड़ा नहीं रहेगा । कार्य को पकड़ो तो कारण समझ में आ जायेगा और कारण को पकड़ो तो कार्य की पोल खुल जायेगी …

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