ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

पाचनतंत्र ठीक करने की रहस्यमय कुंजी


पाचनतंत्र कमजोर है और खाना पचाना है तो यह मंत्र हैः अगस्त्यं कुम्भकर्णं च शनिं च वडवानलम् । आहारपरिपाकार्थं स्मरेद् भीमं च पञ्चमम् ।। ढाई चुल्लू में समुद्र-पान कर जाने वाले महर्षि अगस्त्य, बहुभोजी महाकाय कुम्भकर्म, जिनकी एक नजर पड़ने से ही अकाल पड़ जाता है ऐसे शनिदेव, सब कुछ भस्मसात् कर देने वाली समुद्र …

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इससे व्यक्ति त्रिलोचन बन जाता है-पूज्य बापू जी


भगवन्नाम – जो गुरुमंत्र मिला है उसको जितना दृढ़ता से जपता है उतना ही उस मंत्र की अंतःकरण में छाया बनती है, अंतःकरण में आकृति बनती है, अपने चित्त के आगे आकृति बनती है । कभी-कभी भ्रूमध्य में (दोनों भौहों के बीच) मंत्र जपते-जपते ध्यान करना चाहिए । मानो ‘राम’ मंत्र है तो ‘श्रीराम’ शब्द, …

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सेवा व भक्ति में लययोग नहीं चल सकता


अयोध्या में एक बार संतों की सभा हो रही थी । एक सज्जन हाथ में बड़ा पंखा लेकर संतों को झलने लगे । पंखा झलते समय उनके मन में विचार आया, ‘आज मेरे कैसे सौभाग्य का उदय हुआ है ! प्रभु ने कितनी कृपा की है मेरे ऊपर कि मुझे इतने संतों के मध्य खड़े …

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