ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

गुरुकृपा अबाधित है, सुनिये परमहंस योगानंद जी का यह रोचक जीवन प्रसंग …


प्रसिद्ध पुस्तक योगी कथा अमृत के लेखक एवं अनुभवनिष्ठ योगी परमहंस योगानंदजी को एक बार अमेरिका में आयोजित धार्मिक उदारतावादियों के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “इंटरनेशनल काँग्रेस ऑफ रिलीजस लिबरन्स” में भारत के प्रतिनिधि के रूप में भाग लेने का निमंत्रण मिला। अपने गुरुदेव श्री युक्तेश्वर जी से अनुमति लेकर अगस्त,1920 में वे समुद्री मार्ग से अमेरिका …

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यह बात उस समय की है जब बोधिधर्म भारत से चीन गये हुए थे…


रात्री को निद्राधीन होने से पहले अन्तर्मुख होकर शिष्य को निरीक्षण करना चाहिए कि गुरु की आज्ञा का पालन कितनी मात्रा में किया है।शिष्य के हृदय के तमाम दुर्गुण रूपी रोग पर गुरुकृपा सबसे अधिक असरकारक, प्रतिरोधक एवं सर्वार्त्रिक औषध है। भगवान शिव जी कहते है, दुर्लभं त्रिषु लोकेषु, तत शृणुस्व वदाम्यहं। गुरुं बिना ब्रह्म …

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अरे! यह क्या अजीब आज्ञा दे गये आचार्य चाणक्य चंद्रगुप्त को, पूरी घटना पढ़ें…


उत्तम शिष्य पेट्रोल जैसा होता है। काफी दूर होते हुए भी गुरु के उपदेश की चिंगारी को तुरंत पकड़ लेता है। दूसरी कक्षा का शिष्य कपूर जैसा होता है। गुरु के स्पर्श से उसकी अंतरआत्मा जागृत होती है और वह उसमें आध्यत्मिकता की अग्नि को प्रज्वलित करता है। तीसरी कक्षा का शिष्य कोयले जैसा होता …

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