ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

परमात्माप्राप्ति में बाधक असुर और उन्हें मारने के उपाय-पूज्य बापू जी


पद्म पुराण के उत्तर खण्ड में आया है कि जय विजय भगवान के पार्षद थे । ‘जय’ माने ‘अहंता’ और ‘विजय’ माने ‘ममता’ । भगवान सच्चिदानंद होने पर भी अहंता और ममता के कारण अनुभव में नहीं आते । जय विजय भगवान के पार्षद बने हुए हैं लेकिन उन्हें अपनी अहंता है, अपने पद की …

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रोगप्रतिकारक शक्ति (Immunity) बढ़ाने हेतु पूज्य बापू जी द्वारा बताये सशक्त उपाय


वातावरण में उपस्थित रोगाणु हमेशा शरीर पर आक्रमण करते रहते हैं । जब शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता कम होती है तब रोग-बीमारियाँ घेर लेते हैं । यदि आप पूज्य बापू जी द्वारा बताये गये निम्नलिखित सशक्त उपाय करें तो आपका शरीर, मन व प्राण बलवान होंगे और आपकी रोगप्रतिकारक शक्ति मजबूत रहेगी । 1. जो …

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संक्रामक बीमारियों से कैसे हो सुरक्षा ?


आयुर्वेद में संक्रामक बीमारियों का वर्णन आगंतुक ज्वर (अर्थात् बाह्य कारणों से उत्पन्न बुखार या रोग) के अंतर्गत आया है । यह किसी को होता है और किसी को नहीं, ऐसा क्यों ? (चरक संहिता (चिकित्सा स्थानः 3.11.12) में आचार्य पुनर्वसु कहते हैं- “एक ही ज्वररूपी अर्थ को ज्वर, विकार, रोग, व्याधि और आतंक – …

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