ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

उठायें श्रेष्ठ कंद का लाभ और बचें निकृष्ट कंद से


अनेक बीमारियों में लाभकारी श्रेष्ठ कंद ‘सूरन’ आयुर्वेद के भावप्रकाश ग्रंथ में आता हैः ‘सर्वेषां कन्दशाकानां सूरणः श्रेष्ठ उच्यते ।’ अर्थात् सम्पूर्ण कंदशाकों में सूरन श्रेष्ठ कहलाता है । सूरन कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन आदि का अच्छा स्रोत है । इसके अतिरिक्त इसमें विटामिन ‘ए’, ‘सी’ व ओमेगा-3 फैटी एसिड भी पाये जाते हैं । यह …

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अभेद दृष्टि लायें, चिंतन अनन्य बनायें – पूज्य बापू जी


भक्त परमात्मा से विभक्त नहीं होता । वह ‘अनन्यचेताः’ – अनन्यचित्त वाला हो जाता है । फिर उसको ‘योग’ ( अप्राप्त की प्राप्ति ) और ‘क्षेम’ ( प्राप्त की सुरक्षा ) की चिंता नहीं करनी पड़ती है । क्या साधन करना, कैसा साधन करना इसकी उसे अपने-आप सत्संग के द्वारा, किसी-न-किसी महापुरुष के द्वारा, किसी-न-किसी …

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ब्रह्मनिष्ठ महापुरुषों की सिद्धान्त-निष्ठा – पूज्य बापू जी


रावण के समकालीन एक बड़े उच्च कोटि के सम्राट – चक्ववेण हो गये । वे राज्य का मंगल चाहते थे । राज्य तो छोटा-सा था लेकिन प्रभाव इतना था कि उनकी सराहना स्वर्ग में भी होती थी । ऋषि मुनि, साधु-संत बोलते थे कि ‘हम तो साधुवेश में साधु हैं किंतु चक्ववेण राजा-वेश में साधुओं …

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