Gurubhaktiyog

तो तेरा जीवन रथ ठीक चलेगा – पूज्य बापू जी


एक नया-नया चेला शास्त्र पढ़ रहा था, गुरु लेटे-लेटे सुन रहे थे । गुरु गुरु थे (ब्रह्मवेत्ता सद्गुरु थे) । तन तस्बीह मन मणियों, दिल दंबूरो जिन से सुता ई सूंहनि, निंड इबादत जिन जी, तंदूं जे तलब जूं, से दहदत सुर वजनि जिनका तन माला हो गया, मन मनका हो गया और जिनका हृदय …

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गुरु की विचित्र आज्ञा ने पूरे गाँव को उस सन्यासी का शत्रु बना दिया….


आत्मसाक्षात्कारी गुरु इस जमाने में सचमुच बहुत दुर्लभ हैं। जब योग्य साधक आध्यात्मिक पथ की दीक्षा लेने के लिए गुरु की खोज मे जाता है। तब उसके समक्ष ईश्वर गुरु के स्वरूप मे दिखते हैं और उसे दीक्षा देते हैं। जो मुक्त आत्मा गुरु हैं वे एक निराली जागृत अवस्था मे रहते हैं।जिसे तुरीया अवस्था …

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उसने सोचा न था गुरु से किए कपट का इतना भयानक दंड भी हो सकता है…


गुरू भक्ति योग के निरन्तर अभ्यास के द्वारा मन की चंचल वृत्ति को निर्मूल करो। सच्चा साधक गुरु भक्ति योग के अभ्यास मे लालायित रहता है। गुरु की सेवा और गुरु के ही विचारो से दुनिया विषयक विचारो को दूर रखो। अपने गुरु से ऐसी शिकायत नही करना कि आपके अधिक काम के कारण साधना …

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