343 ऋषि प्रसाद जुलाई 2021

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

संत की युक्ति से भगवदाकार वृत्ति व पति की सद्गति


एक महिला संत के पास गयी और बोली ″बाबा जी ! मेरे पति मर गये । मैं उनके बिना नहीं जी सकती । मैं जरा सी आँख बन्द करती हूँ तो मुझे वे दिखते हैं । मेरे तन में, मन में, जीवन में वे छा गये हैं । अब मेरे को कुछ अच्छा नहीं लगता …

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मृतक की सच्ची सेवा


एक माता जी ने स्वामी शरणानंदजी को बहुत दुःखी होकर कहाः ″महाराज ! कुछ ही समय पहले मेरे पति का अचानक देहावसान हो गया । ऐसा क्यों हुआ ? अब मैं क्या करूँ ?″ शरणानंदजी ने उन्हें जीवन का रहस्य बताया कि ″हिन्दू धर्म के अनुसार स्थूल शरीर के न रहने पर भी सूक्ष्म तथा …

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भय लगे तो क्या करें ?


प्रश्नकर्ताः बापू जी ! मुझे अक्सर बहुत भय लगता है, पता नहीं क्यों  ? पूज्य बापू जीः पता नहीं कि क्यों तुमको भय लगता है ? वास्तव में भय तुमको कभी लगा ही नहीं है । जब भी भय लगता है तो मन को ही भय लगता है, भय तुमको छू भी नहीं सकता । …

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