349 ऋषि प्रसादः जनवरी 2022

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

बल ही जीवन है – पूज्य बापू जी


बल ही जीवन है, दुर्बलता मौत है । जो नकारात्मक विचार करनेवाले हैं वे दुर्बल हैं, जो विषय-विकारों के विचार में उलझता है वह दुर्बलहोता है लेकिन जो निर्विकार नारायण का चिंतन, ध्यान करता है औरअंतरात्मा का माधुर्य पाता है उसका मनोबल, बुद्धिबल और आत्मज्ञानबढ़ता है ।

कुशलता कब ? – पूज्य बापू जी


वह पथ क्या पथिक ! जिस पथ पर शूल न हों ।नाविक की धैर्य-परीक्षा ही क्या, जब धाराएँ प्रतिकूल न हों ।।पथिक की कुशलता की परीक्षा क्या ? कि जब पथ अवरोधों सेभरा हो और वह अपनी मंजिल तय कर ले । नाविक के धैर्य की परीक्षाक्या ? जब धाराएँ प्रतिकूल हों और वह नाव …

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परिप्रश्नेन


प्रश्नः आत्मदर्शन का सरल उपाय क्या है ? पूज्य बापू जीः आत्मदर्शन ( आत्मानुभव ) करने का एकदम सादा सरल उपाय है कि पहले तो यह माने कि मैं शरीर नहीं हूँ, मैं मन बुद्धि नहीं हूँ । शरीर को, मन को, बुद्धि को देखने वाला चैतन्य आत्मा हूँ’ – ऐसा मानना शुरु करे । …

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