ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

…तो छोटे-से-छोटा बालक भी महान हो जायेगा – पूज्य बापू जी


माता-पिता और गुरुजनों को जो प्रणाम नहीं करते हैं उन्हें उनकेआगे झुकने में बड़ी मेहनत लगती है लेकिन जिन बच्चों को प्रणामकरने का अभ्यास हो गया है उनको क्या मेहनत लगती है ! वे तो दिनमें एक बार क्या तीन बार भी प्रणाम कर लेंगे, उनको तो कोई कठिनाईनहीं होगी । माँ-बाप के हृदय से …

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किनकी शरण श्रेष्ठ है ? – पूज्य बापू जी


योगः कर्मसु कौशलम् । कर्म में कुशलता क्या है ? काजल कीकोठरी में जायें और कालिमा न लगे यह कुशलता है । संसार में रहेंऔर संसार का लेप न लगे यह कुशलता है ।एक महात्मा थे । बीच शहर में उनका मठ था । मठ द्वारासामाजिक उन्नति की बहुत सारी प्रवृत्तियाँ होती थीं । उन …

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सद्गुरु ही मेरे लिये सबकुछ हैं


एक बार भगवान श्रीकृष्ण रूप बदलकर चैतन्य महाप्रभु के एकशिष्य के पास पहुँचे । उन्होंने पूछाः “बेटा ! तुम्हारे जीवन का लक्ष्यक्या है ?”शिष्यः “श्रीकृष्ण की प्राप्ति ।”“तुम्हारा धाम क्या है ?”“वृंदावन ।”“मंत्र क्या है ?”“हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे… यही मेरा मंत्र है ।”“तुम्हारी साधना पद्धति क्या है ?”“श्रीकृष्ण का ध्यान …

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