ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

परिप्रश्नेन – भय लगे तो क्या करें ?


प्रश्नकर्त्रीः बापू जी ! मुझे अकसर बहुत भय लगता है, पता नहींक्यों ?पूज्य बापू जीः पता नहीं क्यों तुमको भय लगता है ? वास्तव मेंभय तुमको कभी लगा ही नहीं है । जब भी भय लगता है तो मन कोही लगता है, भय तुमको छू भी नहीं सकता । अब तुम मन के साथजुड़ जाने …

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संत की युक्ति से भगवदाकार वृत्ति व पति की सद्गति… पूज्य बापू जी


संत की युक्ति से भगवदाकार वृत्ति व पति की सद्गति… पूज्य बापू जीएक महिला संत के पास गयी और बोलीः “बाबा जी ! मेरे पति मर गये । मैं उनके बिना जीनहीं सकती । मैं जरा सी आँख बंद करती हूँ तो मुझे वे दिखते हैं । मेरे तन में, मन में जीवनमें वे छा …

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मृतक की सच्ची सेवा


एक माता जी ने स्वामी शरणानंद जी को बहुत दुःखी होकर कहाः“महाराज जी ! कुछ समय पहले ही मेरे पति का अचानक देहावसान होगया है । ऐसा क्यों हुआ ? अब मैं क्या करूँ ?”शरणानंदजी ने उन्हें जीवन का रहस्य बताया कि “हिन्दू धर्म केअऩुसार स्थूल शरीर के न रहने पर भी सूक्ष्म तथा कारण …

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