ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

श्रद्धा का बल, हर समस्या का हल-पूज्य बापू जी


मंत्रे तीर्थे द्विजे देवे दैवज्ञे भेषजे गुरौ । यादृशी भावना यस्य सिद्धिभवति तादृशी ।। स्कन्द पुराण, प्रभास खंडः 278.39 मंत्र, तीर्थ, ब्राह्मण, देवता, ज्योतिषी, औषध और गुरु में जैसी भावना होती है वैसा ही फल मिलता है । संत नामदेव जी के पूर्व जीवन की एक कहानी है । युवक नामदेव का मन विठ्ठल में …

Read More ..

आत्मजागृति व कल्याणस्वरूप आत्मा में आत्मविश्रांति पाने का पर्व


महाशिवरात्रिः 4 मार्च 2019 महाशिवरात्रि धार्मिक दृष्टि से देखा जाय तो पुण्य अर्जित करने का दिन है लेकिन भौगोलिक दृष्टि से भी देखा जाय तो इस दिन आकाशमण्डल से कुछ ऐसी किरणें आती हैं, जो व्यक्ति के तन-मन को प्रभावित करती हैं । इस दिन व्यक्ति जितना अधिक जप, ध्यान व मौन परायण रहेगा, उतना …

Read More ..

आखिर क्या है उनके त्याग का रहस्य !


वैराग्य शतक के 80वें श्लोक का अर्थ हैः ‘क्या रहने के लिए स्वर्ग के तुल्य रमणीय भव्य भवन नहीं थे ? क्या सुनने के लिए गाने योग्य मधुर संगीत नहीं थे ? अथवा प्राणप्रिय प्रेयसी के साथ समागम का सुख अत्यधिक प्रीतिजनक नहीं था क्या ? इन सब सुख-साधनों के विद्यमान होने पर भी संतजन …

Read More ..