कैसे होंगे हृदय के नारायण प्रकट ? पूज्य बापू जी
ज्ञाता-ज्ञान-ज्ञेय, द्रष्टा-दर्शन-दृश्य की त्रिपुटी से रहित पद में फतेह सिंह के गुरु महाराज क्षणभर के लिए गये और फतेह सिंह को कहाः “बेटा ! तुम परमात्मा, चैतन्य, सर्वेश्वर भगवान श्री नारायण के विषय में जानते तो हो लेकिन नारायण का रूप समझकर सामने वालों की सेवा करने में अभी तुम तत्पर नहीं हुए । नारायण …