उस पर कभी विवाद न करें
परमहंस योगानंद जी अपने जीवन का एक संस्मरण बताते हुए कहते हैं- “एक बार मैं अपने एक दलाल मित्र के साथ भारत के संतों की चर्चा कर रहा था। उसने मेरी बातों में कोई उत्साह नहीं दिखाया। उसने कहाः “ये सब तथाकथित संत झूठे हैं। वे ईश्वर को नहीं जानते हैं।” मैंने बहस नहीं की …