ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

शाकों में श्रेष्ठ बथुआ


शाकों में बथुआ श्रेष्ठ है। इसमें पौष्टिक तत्त्वों के साथ विविध औषधिय गुणधर्म भी पाये जाते हैं। यह उत्तम पथ्यकर है। आयुर्वेद के अनुसार बथुआ त्रिदोषशामक, रूचिकारक, स्वादिष्ट एवं भूखवर्धक तथा पचने पचाने में सहायक, बल वीर्य वर्धक, पेट साफ लाने वाला एवं पित्तजन्य विकारों को नष्ट करने वाला है। आधुनिक अनुसंधानों के अनुसार बथुए …

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वर्षभर के लिए स्वास्थ्य-संवर्धन का काल


शीत ऋतु के अंतर्गत हेमंत व शिशिर ऋतुएँ (23 अक्तूबर 2018 से 17 फरवरी 2018) तक) आती हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से इसे सबसे बेहतर समय माना गया है। इस ऋतु में चन्द्रमा की शक्ति सूर्य की अपेक्षा अधिक प्रभावशाली होती है, इसलिए इस ऋतु में पृथ्वी के रस में भरपूर वृद्धि होने से औषधियाँ, …

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सुख-शांति, संतति व स्वास्थ्य प्रदायक गौ-परिक्रमा


(गोपाष्टमीः 16 नवम्बर 2018) देशी गाय की परिक्रमा, स्पर्श, पूजन आदि से शारीरिक, बौद्धिक, आर्थिक, आध्यात्मिक आदि कई प्रकार के लाभ होते हैं। पूज्य बापू जी के सत्संगामृत में आता है कि “देशी गाय के शरीर से जो आभा (ओरा) निकलती है, उसके प्रभाव से गाय की प्रक्षिणा करने वाले की आभा में बहुत वृद्धि …

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