ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

श्रेष्ठ रोगहारी अमृत संजीवनीः ग्वारपाठा


  ग्वारपाठा या घृतकुमारी स्वास्थ्यरक्षक, सौंदर्यवर्धक तथा रोगनिवारक गुणों से भरपूर है। यह शरीर को शुद्ध और सप्तधातुओं को पुष्ट कर रसायन का कार्य करता है। यह रोगप्रतिरोधक प्रणाली को मजबूत करने में अति उपयोगी एवं त्रिदोषशामक, जठराग्निवर्धक, बल, पुष्टि व वीर्य वर्धक तथा नेत्रों के लिए हितकारी है। यह यकृत के लिए वरदान स्वरूप …

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चित्त रूपी सागर से चैतन्य का अमृत खोजने की व्यवस्थाः कुम्भ पर्व


(उज्जैन कुम्भः 22 अप्रैल से 21 मई 2016) कुम्भ पर्व का इतिहास व उद्देश्य अनादि काल से मानव अमरता की खोज करता चला आया। मरने वाले शरीर में अमर आत्मा छुपा है। देव, असुर – सब अमरता चाहते हैं। आपकी आसुरी वृत्ति भी अमर सुख, सदा सुख चाहती है और दैवी वृत्ति भई सुख चाहती …

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चंचलता मिटाओ, सफलता पाओ


पूज्य बापू जी एकाग्रता सभी क्षेत्रों में सफलता की जननी, कुंजी है। यह एक अदभुत शक्ति है। ध्रुव और प्रह्लाद की सफलता में भी एकाग्रता एक कारण थी। हस्त चांचल्य, नेत्र चांचल्य, वाणी चांचल्य और पाद चांचल्य – ये चार प्रकार की जो चंचलताएँ हैं वे एकाग्रता में बड़ा विघ्न करती हैं। हस्त चांचल्यः हस्त …

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