ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

स्वास्थ्य का दुश्मन विरुद्ध आहार


  जो पदार्थ रस-रक्तादि धातुओं के विरुद्ध गुणधर्मवाले व वात-पित्त-कफ इन त्रिदोषों को प्रकुपित करने वाले है, उनके सेवन से रोगों की उत्पत्ति होती है। आयुर्वेद में आहार की विरुद्धता के 18 प्रकार बताये गये हैं। जैसे घी खाने के बाद ठंडा पानी पीना परिहार विरुद्ध है। खाते समय भोजन पर ध्यान नहीं देना (टी.वी. …

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सर्व सद्गुण सागर श्रीराम जी – पूज्य बापू जी


  (श्री रामनवमीः 15 अप्रैल 2016) श्रीरामचन्द्र जी परम ज्ञान में नित्य रमण करते थे। ऐसा ज्ञान जिनको उपलब्ध हो जाता है, वे आदर्श पुरुष हो जाते हैं। मित्र हो तो श्रीराम जैसा हो। उन्होंने सुग्रीव से मैत्री की और उसे किष्किंधा का राज्य दे दिया और लंका का राज्य विभीषण को दे दिया। कष्ट …

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वेद भी पार नहीं पा सकते सद्गुरु का


  (संत एकनाथ षष्ठीः 29 मार्च) सद्गुरु की अनंत महिमा का बखान करते हुए संत एकनाथ जी कहते हैं- ‘हे सद्गुरु ! मेरा तुम्हें प्रणाम ! तुम स्वयं ही क्षीरसागर हो। तुम्हारे ज्ञानरूपी चन्द्रमा के उदय होने से प्रत्येक जीव प्रसन्न हो उठता है। जिस चन्द्रमा की चाँदनी ने हृदयाकाश को प्रकाशित कर घनघोर अज्ञानरूपी …

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