ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

Rishi Prasad 267 Mar 2015

गीता में शांति पाने के 6 उपाय – पूज्य बापू जी


वेद सनातन सत्य है, अपौरूषेय है। उस वेद की वाणी उपनिषदों में और उपनिषदों का प्रसाद भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में प्रकट करवाया है। गीता श्रीकृष्ण के अनुभव की पोथी है। भगवान कहते हैं- गीता मे हृदयं पार्थ। ‘गीता मेरा हृदय है।’ गीता में शांति पाने के 6 उपाय बताये गये हैं। किसी जगह पर …

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Rishi Prasad 267 Mar 2015

ईश्वरप्राप्ति में बाधक और तारक ग्यारह बातें – पूज्य बापू जी


ईश्वरप्राप्ति में बाधक क्या है ? मान की चाह, अति भाषण, यश की लोलुपता, अधिक निद्रा, अधिक खान-पान, धन की लोलुपता – धन की माँग या दान की माँग। सातवी है कि अत्यन्त छोटी-छोटी बातों में, छोटे-छोटे लोगों में या छोटी-मोटी, हलकी पुस्तकों में उलझना और आठवीं बात है क्रोध और द्वेष। गुस्से-गुस्से में निर्णय …

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Rishi Prasad 267 Mar 2015

आरोग्य व सुख-समृद्धि प्रदायिनी गौमाता – पूज्य बापू जी


सूर्यकिरण हजार प्रकार के हैं। उनमें तीन विभाग हैं – एक तापकर्ता (ज्योति), दूसरे पोषक (आयु) और तीसरे गो किरण। तापकर्ता और पोषक किरण तो हम झेलते हैं लेकिन गो किरण कोई प्राणी नहीं झेल सकता है। सूर्यकेतु नाड़ी जिस प्राणी में है, वही गो किरण पर्याप्त मात्रा में झेल सकता है और सूर्यकेतु नाड़ी …

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