ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

ज्ञानी हैं महादानी – पूज्य बापू जी


आठ प्रकार के दान होते हैं। अऩ्नदान, भूमिदान, कन्यादान, गोदान, गोरसदान, सुवर्ण दान, विद्यादान और आठवाँ है अभयदान। लेकिन भगवद्-प्रसाद दान सर्वोपरि दान है जो तीन प्रकार का होता है। उसमें जो क्रियाजन्य दान है – रूपया पैसा, सेवा…. वह देश, काल पात्र देखकर किया जाता है। दूसरा जो भक्तिजन्य दान है, उसमें पात्र-अपात्र कुछ …

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इस संस्कृति की सुरक्षा विश्वमानव की सेवा है


महापुरुषों के चरणों में असंख्य लोग जाते हैं। उनको सुख-शांति मिलती है, ज्ञान मिलता है, प्रेरणा मिलती है, आरोग्यता मिलती है…. न जाने कितना कुछ मिलता है रुषों के चरणों में असंख्य लोग जाते हैं। उनको सुख-शांति मिलती है, ज्ञान मिलता है, प्रेरणा मिलती है, आरोग्यता मिलती है…. न जाने कितना कुछ मिलता है। बदले …

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आत्मसूर्य की ओर………..


(मकर सक्रान्तिः 14 व 15 जनवरी 2015) मकर सक्रान्ति अर्थात् उत्तरायण महापर्व के दिन से अंधकारमयी रात्रि छोटी होती जायेगी और प्रकाशमय दिवस लम्बे होते जायेंगे। हम भी इस दिन दृढ़ निश्चय करें कि अपने जीवन में से अंधकारमयी वासना की वृत्ति को कम करते जायेंगे और सेवा तथा प्रभुप्राप्ति की सद् वृत्ति को बढ़ाते …

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