ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

क्रूर से डरो नहीं, स्वधर्म छोड़ो नहीं – पूज्य बापू जी


चेटीचंड पर्वः 1 अप्रैल 2014 झूलेलाल जी का वरुण अवतार यह खबर देता है कि कोई तुम्हारे को धनबल, सत्ताबल अथवा डंडे के बल से अपने धर्म से गिराना चाहता हो तो आप ‘धड़ दीजिये धर्म न छोड़िये।’ सिर देना लेकिन धर्म नहीं छोड़ना। भगवान झूलेलाल को अवतरण सिंधु नदी के किनारे बसने वाले सत्संगी …

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जब भगवान तक पहुँची चिट्ठी – पूज्य बापू जी


एक बालक था मुकंद और उसके भाई का नाम था अनंत। अनंत और उनके पिताजी के  नाम पत्र आते लेकिन  नन्हा मुकुंद सोचता कि ‘मेरे को कोई पत्र ही नहीं लिखता !’ अनंत उसे चिढ़ाता था कि “तुम्हें कोई पत्र नहीं लिखता। मुझे कितना मित्र पत्र लिखते हैं, पिता जी को भी कितने लोग पत्र …

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बुलंदियों तक पहुँचाने वाले दो पंख पूज्य बापू जी


बच्चों को प्राणशक्ति और ज्ञानशक्ति (बुद्धिशक्ति) – इन दो शक्तियों की जरूरत है। ये दोनों बढ़ गयीं तो व्यक्ति सारी दुनिया को आश्चर्य में डाल सकता है। जिसके जीवन में ज्ञानदाता एवं प्राणशक्ति बढ़ाने वाले सदगुरु हैं, वह बच्चा भी कभी नहीं रहता कच्चा ! वह छोटे से छोटा बच्चा भी बड़ी बुलंदियों तक पहुँचाने …

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