खबर और मीडिया की बेताबी – आशुतोष
आईबीएन-7 के मैनेजिंग एडिटर पिछले बीस-पच्चीस दिनों से जिस तरह से आशाराम बापू के मसले पर स्टूडियो के अंदर तीन-तीन, चार-चार, पाँच-पाँच घंटे और तमाम जटा-जूटधारी बाबाओं, साइकोलोजिस्टों, सेक्सोलोजिस्टों को बुला-बुलाकर जिस तरह से चर्चा की जा रही है, क्या इस देश के अंदर सबसे बड़ी खबर यही है ? क्या सेक्स को बेचने की …