ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

पुरुषार्थी पुरु – पूज्य बापू जी


पुरुषार्थ करना चाहिए । इस लोक में सफल होने के लिए औरआत्मा-परमात्मा को पाने में सफल होने के लिए भी पुरुषार्थ चाहिए ।पुरु नाम का एक लड़का बेचारा महाविद्यालय पढ़ने के दिन देखरहा था । 16 वर्ष की उम्र हुई और एकाएक उसके पिता को हृदयाघातहो गया, वे मर गये । बेटे और माँ पर …

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मन को युक्ति से सँभाल लो तो बेड़ा पार हो जायेगा – पूज्य बापूजी


एक बार बीरबल दरबार में देर से आये तो अकबर ने पूछाः “देर होगयी, क्या बात है ?”बीरबल ने कहाः “हुजूर ! बच्चा रो रहा था, उसको जरा शांतकराया ।”“…तो बच्चे को शांत कराने में दोपहर कर दी तुमने ! कैसे बीरबल?“हुजूर ! बच्चे तो बच्चे होते हैं । राजहठ, स्त्रीहठ, योगहठ औरबालहठ… जैसे राजा …

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सद्गुरु की युक्ति को मूर्खता से त्यागो मत


पूज्यश्री के पावन सान्निध्य में श्री योगवाशिष्ठ महारामायण कापाठ चल रहा हैः महर्षि वसिष्ठजी बोलेः “हे राम जी ! एक दिन तुमवेदधर्म की प्रवृत्तिसहित सकाम यज्ञ, योग आदिक गुणों से रहित होकरस्थित हो और सत्संग व सत्शास्त्र परायण हो तब मैं एक ही क्षण मेंदृश्यरूपी मैल दूर कर दूँगा । हे राम जी ! गुरु …

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