ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

ज्ञानसंयुक्त कर्म करें


(पूज्य बापू जी की पावन अमृतवाणी) जीवन में ज्ञान पहले और कर्म बाद में हो। और ज्ञान भी उत्तम ज्ञान… कर्म करने का ज्ञान नहीं, कर्म के परिणाम का ज्ञान। किस कर्म से भगवत्प्रेम, भगवदशांति, भगवन्माधुर्य, स्वतन्त्रता और जीवन रसमय होगा, वह ज्ञान मिले तो आपके कर्म दिव्य कर्म होते हैं। ज्ञान में तो दो …

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भागवत धर्म का संदेश देता पर्वः दीपावली


दीपावली 5 नवम्बर 2010 (पूज्य बापूजी के सत्संग-प्रवचन से) अज्ञानरूपी अंधकार पर ज्ञानरूपी प्रकाश की विजय का संदेश देता है जगमगाते दीपों का उत्सव ‘दीपावली’। उत्सव, ‘उत्’ माना उत्कृष्ट ‘सव’ माना यज्ञ। ऊँचा यज्ञ, उत्कृष्ट यज्ञ इसको बोलते हैं। उत्कृष्ट यज्ञ जीवन की माँग है। उत्सव में दुःख को भूलने का मुख्य उद्देश्य होता है। …

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अमृतफल आँवला


चिरयौवन व दीर्घायुष्य प्रदान करने वाला, रसायन द्रव्यों में सर्वश्रेष्ठ, आयुर्वेद में ‘अमृतफल’ नाम से सम्बोधित व औषधियों में श्रेष्ठ फल है – आँवला। आँवला सभी ऋतुओं में, सभी जगह सभी के लिए लाभदायी है। आँवला विटामिन सी का राजा होने के कारण शरीर को रोगाणुओं के आक्रमण से बचाता है, शारीरिक वृद्धि में आने …

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