ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

उन्नति की कुंजियाँ


साधक की उन्नति के प्रधान चिन्ह क्या हैं ? साधन में प्रेम होना, साधन में जरा-भी परिश्रम न प्रतीत होना, महापुरुषों के जीवन में श्रद्धा होना और भगवान पर  विश्वास होना – इन चार सदगुणों से सम्पन्न साधक द्रुतगति से अपने साधना-मार्ग में आगे बढ़ाता है। आपके जीवन का मुख्य कार्य प्रभु-प्राप्ति ही है। शरीर …

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धनवानों की दयनीय स्थिति


संत श्री आसाराम जी बापू के सत्संग-प्रवचन से भगवान बुद्ध कहते थेः ‘हे भिक्षुको ! अनन्त जन्मों में तुमने जो आँसू बहाये वे अगर इकट्ठे कर दिये जायें तो वे सरोवर को भी मात कर दें। यह बड़ा पर्वत दिख रहा है, उसके आगे यदि तुम्हारे सभी जन्मों की हड्डियाँ एकत्रित की जायें तो यह …

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स्वभाव पर विजय


संत श्री आसाराम जी बापू के सत्संग-प्रवचन से श्री कृष्ण से उद्धवजी ने पूछाः “बड़े में बड़ा पुरुषार्थ क्या है ? बड़ी उपलब्धि क्या है ? बड़ी बहादुरी किसमें है ?” श्रीकृष्ण ने कहाः “स्वभावं विजयः शौर्यः …… विषयों के प्रति इन्द्रियों का आकर्षित होने का जो स्वभाव है उस पर विजय पाकर आत्मसुख में …

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