ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

वह पार पहुँच जाता है – पूज्य बापू जी


सत्संगी हो चाहे कुसंगी हो, अच्छा व्यक्ति हो चाहे बुरा व्यक्ति हो, चढ़ाव उतार के दिन तो सबके आते ही हैं । श्रीराम जी के भी आते हैं और रावण के भी आते हैं । उतार के दिन आते हैं तब भी श्रीराम हृदय से पवित्र, सुखी रहते हैं और चढ़ाव के दिन आते हैं …

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सुकन्या का सुकन्यापन


अज्ञातरूप से भी यदि संत का अपराध जाता है तो उससे दोष की उत्पत्ति होती है । राजा शर्याति अपनी कन्या सुकन्या को लेकर जंगल में गये हुए थे और वहाँ उनकी बेटी से अनजाने में एक संत का अपराध हो गया । एक बाँबी में च्यवन ऋषि तपस्या कर रहे थे । कुतूहलवश सुकन्या …

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सूरज और चंदा क्या नहीं देख सकते ? – पूज्य बापू जी


गुरुजी ने बच्चों से पूछाः “सूरज और चंदा क्या नहीं देख सकते ? सूरज और चंदा का प्रकाश सब जगह घुस जाता है । तो ऐसी कौन-सी चीज है जो सूरज और चंदा नहीं देख सकते ?” कुछ बच्चों ने कहाः “पाप को नहीं देख सकते ।” गुरु जीः “देख सकते हैं ! क्योंकि बुद्धि …

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