ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

संक्रामक बीमारियों से कैसे हो सुरक्षा ?


आयुर्वेद में संक्रामक बीमारियों का वर्णन आगंतुक ज्वर (अर्थात् बाह्य कारणों से उत्पन्न बुखार या रोग) के अंतर्गत आया है । यह किसी को होता है और किसी को नहीं, ऐसा क्यों ? (चरक संहिता (चिकित्सा स्थानः 3.11.12) में आचार्य पुनर्वसु कहते हैं- “एक ही ज्वररूपी अर्थ को ज्वर, विकार, रोग, व्याधि और आतंक – …

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भगवान बड़े कि भगवान का नाम बड़ा ? –पूज्य बापू जी


जब हनुमान जी को मृत्युदंड देने उद्यत हुए श्रीराम जी ! (पिछले अंक में आपने पढ़ा कि देवर्षि नारद जी के बताये अनुसार हनुमान जी ने भरी सभा में विश्वामित्र जी को पीठ दिखायी और उनके सामने पूँछ झटक दी । इसे अपना अपमान जानकर विश्वामित्र जी ने श्रीरामजी को आज्ञा दी कि वे हनुमानजी …

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सुखमय जीवन की अनमोल कुंजियाँ


महामारी, रोग व दुःख शमन हेतु मंत्र अग्नि पुराण में महर्षि पुष्कर जी परशुराम जी से कहते हैं कि ”यजुर्वेद के इस (निम्न) मंत्र से दूर्वा के पोरों की 10 हजार आहुतियाँ देकर होता (यज्ञ में आहुति देने वाला व्यक्ति या यज्ञ कराने वाला पुरोहित) ग्राम या राष्ट्र में फैली हुई महामारी को शांत करे …

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