ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

कोरोना वायरस पर विशेष


विपदा से पहले लौटें अपनी जड़ों की ओर मांसाहार व अभक्ष्य आहार का त्याग जैसे भारतीय संस्कृति के सिद्धांतों की अवहेलना के घातक दुष्परिणाम क्या हो सकते हैं यह अब सभी को खूब प्रत्यक्ष हो रहा है । विश्वभर में आतंक मचाकर तबाही कर रहा कोरोना विषाणु (वायरस) इसका एक ताजा उदाहरण है । कोरोना …

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ध्यान-जप के अभ्यास से हुआ निर्भय खुले परम जीत के द्वार-पूज्य बापू जी


महात्मा बुद्ध के जमाने की बात है । दो बच्चे आपस में खेलते थे । एक बच्चा सदैव जीतता था और दूसरा सदैव हारता था । एक दिन हारने वाले ने जीतने वाले से पूछा कि “तुम आखिर क्या करते हो कि रोज जीत जाते हो ?” जीतने वाले ने कहाः “मैं रोज भगवान सदगुरु …

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बलानां श्रेष्ठं बलं प्रज्ञाबलम् – पूज्य बापू जी


महाभारत के उद्योग पर्व (37.55) में आता हैः यद् बलानां बलं श्रेष्ठं तत् प्रज्ञाबलमच्यते ।। ‘जो सब बलों में श्रेष्ठ बल है वह प्रज्ञा (बुद्धि का शुद्ध किया हुआ, सुविकसित और सुसंस्कृत रूप, ज्ञानदृष्टि, अंतर्दृष्टि, आत्मिक ज्ञान से सुसम्पन्न मति) का बल कहलाता है ।  विश्व में सबसे बड़ा बल है बुद्धि का बल । …

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