….तब भगवान में हमारी प्रीति होती है – पूज्य बापू जी
मेरे मित्रसंत लाल जी महाराज ने मेरे को बताया कि एक मकान के बरामदे में बूढ़ा और बूढ़ी अपने पोते को खेल खिला रहे थे । मैं उधर से जाते-जाते खड़ा हो गया । बूढ़ी बोले जा रही थीः “मेरा बबलू ! और मेरा राजा ! ओ मेरा प्रभु ! ओ मेरा प्यारा !…” बच्चे …