ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

परमात्मा को ढूँढना चाहते हो तो आओ….


ब्रह्मज्ञान प्राप्त करने के लिए ज्यादा कर्म शक्ति की जरूरत नहीं है और ज्यादा जोरदार आँख, कान होने की भी जरूरत नहीं है और ज्यादा जोरदार बुद्धि होने की भी जरूरत नहीं है। कोई बड़ा बुद्धिमान होगा तब उसको ब्रह्मज्ञान होगा – यह शर्त नहीं लगाना भला ! अमुक जाति में जन्म होगा तब ब्रह्मज्ञान …

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नित्य सुख की प्राप्ति हेतु श्रेयस्कर उपाय


वैराग्य शतक के 71वें श्लोक का अर्थ हैः ‘ऋग्वेदादि चारों वेद, मनु आदि स्मृतियों, भागवतादि अठारह पुराणों के अध्ययन और बहुत बड़े-बड़े तर्क, व्याकरण आदि शास्त्रों के  पढ़ने, आडम्बरपूर्ण भिन्न-भिन्न प्रकार के कर्मकाण्ड में प्रवृत्त होने से स्वर्ग समान स्थल में कुटिया का स्थान प्राप्त करने के अतिरिक्त और क्या लाभ है ? अपने आत्मसुख …

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गुरुकृपा ने मारुति को बना दिया निसर्गदत्त महाराज


मार्च 1897 की पूर्णिमा को महाराष्ट्र में एक लड़के का जन्म हुआ, नाम रखा गया मारुति। उसके पिता शिवरामपंत एक निर्धन व्यक्ति थे। मारुति का बचपन शिक्षा से लगभग वंचित रहा पर वह अत्यंत ही जिज्ञासु और मननशील प्रकृति का था। बाल्यकाल में वह गायों आदि की देखभाल करना, हल चलाना आदि अनेक कार्यों में …

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