ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

आओ मनायें तुलसी पूजन दिवस


  पूज्य संत श्री आशाराम जी बापू द्वारा प्रेरित 25 दिसम्बर तुलसी देती आरोग्य लाभ के साथ सुख-शांति व समृद्धि भी जिसकी तुलना सम्भव न हो ऐसी ‘तुलसी’ का नाम उसकी अतिशय उपयोगिता को सूचित करता है। तुलसी माता का पूजन, दर्शन, सेवन व रोपण आधिदैविक, आधिभौतिक और आध्यात्मिक – तीनों प्रकार के तापों का …

Read More ..

भटकाने वाली तृष्णा को छोड़कर परमात्मा को पा लो


विवेकव्याकोशे विदधति शमे शाम्यति तृषा परिष्वङ्गे तुङ्गे प्रसरतितरां सा परिणतिः। जराजीर्णैश्वर्यग्रसनगहनाक्षेपकृपण- स्तृषापात्रं यस्यां भवति मरुतामप्योधिपतिः।। ‘विवेक के प्रकट होने से शम (मन का नियंत्रित होकर शांत होना) होने पर विषयों को भोगने की तृष्णा शांत हो जाती है। नहीं तो विषयों का अत्यधिक प्रसंग होने से वह (भोगतृष्णा) बलवती होकर बढ़ती जाती है। जिससे (इन्द्र) …

Read More ..

धरती पर हैं राक्षस, मानव, देवता और ब्रह्म


छात्र-जीवन में तीर्थरामजी (स्वामी रामतीर्थ जी) को देशी गाय का दूध बड़ा प्रिय था। वे प्रतिदिन एक हलवाई से गोदुग्ध लेकर पिया करते थे। एक बार पैसों की तंगी होने से एक माह के दूध के पैसे हलवाई को नहीं दे पाये। कुछ ही दिनों बाद उनकी लाहौर के एक महाविद्यालय में अध्यापक के पद …

Read More ..