ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

गौमाता की बुद्धिमत्ता व संवेदनशीलता


मातरः सर्वभूतानां गावः सर्वसुखप्रदाः। ‘गौएँ सम्पूर्ण प्राणियों की माता कहलाती हैं। वे सबको सुख देने वाली हैं।’ (महाभारतः अनुशासन पर्वः 69.7) गौमाता प्रेम, दया, त्याग, संतोष, सहिष्णुता एवं वात्सल्य की साक्षात मूर्ति है। गोवंश में बुद्धिमत्ता तथा सोचने समझने की क्षमता होती है। इसका सबसे सरल उदाहरण यह है कि पचास गायों को एक साथ …

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वास्तविक कर्तव्य और सामाजिक कर्तव्य


  मुख्य कर्तव्य में लीन तुकाराम जी महाराज संत श्री आसाराम जी बापू के सत्संग-प्रवचन से ईश्वर को पाने के लिए आपको चाहे जो भी करना पड़े, वे सब प्रयास, वे सब सौदे सस्ते हैं। संसार को पाने के लिए यदि ईश्वर का त्याग करना पड़े तो सौदा महँगा है। ईश्वर को पाने के लिए …

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विकसित जीवन जीने की पद्धति देती गुरुकुल की शिक्षा


गुरुकुल परम्परा से पढ़ाई हो यह देश का सौभाग्य होगा जन्म से 7 साल तक मूलाधार केन्द्र जो शरीर की नींव है, वह विकसित होता है। 7 से 14 साल की उम्र तक स्वाधिष्ठान केन्द्र विकसित होता है तथा 14 से 21 साल तक मणिपुर केन्द्र का विकास होता है, यह बुद्धि को विकसित करने …

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