जग्गा जी से बने संत सुदंरदासजी – पूज्य बापू जी
दौसा जिले के वैश्य की पुत्री सती ने दादू दयाल महाराज के शिष्य जग्गा जी महाराज को प्रणाम किया तो जग्गा जी ने दोनों हाथ उठाकर कहाः “पुत्रवती भव।” दादू जी को पता चला तो उन्होंने कहाः “कैसा चेला है रे ! उसके भाग्य में तो पुत्र था ही नहीं और तूने पुत्रवती भव बोल …