ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

वास्तविक बल कौन-सा है ?


एक दिन राजा विश्वामित्र मंत्रियों के साथ शिकार के लिए गये थे। वन में प्यास से व्याकुल हो वे महर्षि वसिष्ठ जी के आश्रम में पहुँचे। वसिष्ठजी ने उनका स्वागत किया। आश्रम में एक कामधेनु गाय थी जिसका नाम था नंदिनी, जो सभी कामनाओं की पूर्ण करती थी। वसिष्ठ जी ने खाने पीने योग्य पदार्थ, …

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वर्षा ऋतु में सेहत की देखभाल-पूज्य बापू जी


वर्षा ऋतु में रोग, मंदाग्नि, वायुप्रकोप, पित्तप्रकोप का बाहुल्य होता है। 80 प्रकार के वायु संबंधी व 32 प्रकार के पित्त संबंधी रोग होते हैं। वात और पित्त जुड़ता है तो हृदयाघात (हार्ट अटैक) होता है और दूसरी कई बीमारियाँ बनती हैं। इनका नियंत्रण करने के लिए बहुत सारी दवाइयों की जरूरत नहीं है। समान …

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मोक्ष की इच्छा वाले के लिए अनिवार्य शर्तें


श्री अखंडानंद जी सरस्वती जो अपने जीवन को अपने लक्ष्य की ओर प्रवाहित कर रहा है वह मार्ग में कहीं अटक नहीं सकता। यह अटकना ही आसक्ति का परिचायक है। जहाँ सुख प्रतीत होता है और जिसको अपना-आपा भोक्ता प्रतीत होता है वहाँ वह व्यक्ति आसक्त हुए बिना नहीं रह सकता। विषय में सत्यत्व एवं …

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