बाल-वैरागी का अदभुत सामर्थ्य !
पूज्य बापू जी अगर मनुष्य का विवेक वैराग्य जाग उठे और वह तत्परता से लग पड़े तो छोटी सी उम्र में भी आत्मज्ञान की परम उपलब्धि प्राप्त कर सकता है। जरूरत है तो बस, दृढ़ निश्चय और अथक पुरुषार्थ की। एक महापुरुष थे श्री मधुसूदन सरस्वती। जब वे 10 वर्ष के थे तब एक बार …