आठ प्रकार के सुखों से भी ऊँचा सुख
पूज्य बापू जी आठ प्रकार के सुख होते हैं। देखने, सूँघने, चखने, सुनने और स्पर्श का सुख – ये पाँच विषय सुख हुए। दूसरा, मान मिलता है तो सुख होता है, अपनी कहीं बड़ाई हो रही हो तो सुख होता है। अगर आपको बढ़िया आराम मिल रहा हो तो सुख होता है। तो शब्द, स्पर्श, …