ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

विज्ञान को अब समझ में आयी ध्यान की महिमा


ध्यान सर्वोच्च मेधा, प्रज्ञा, दिव्यता तथा प्रतिभा रूपी अमूल्य सम्पत्ति को प्रकट करता है। मानसिक उत्तेजना, उद्वेग और तनाव की बड़े-में-बड़ी दवा ध्यान है। जो लोग नियमित रूप से ध्यान करते हैं, उन्हें दवाइयों पर अधिक धन खर्च नहीं करना पड़ता। भगवद्ध्यान से मन-मस्तिष्क में नवस्फूर्ति, नयी अनुभूतियाँ, नयी भावनाएँ, सही चिंतन प्रणाली, नयी कार्यप्रणाली …

Read More ..

वर्षा ऋतु में स्वास्थ्य-सुरक्षा


(वर्षा ऋतुः 21 जून 2015 से 22 अगस्त 2015 तक) वर्षा ऋतु का नमीयुक्त वातावरण जठराग्नि को मंद कर देता है। शरीर में पित्त का संचय व वायु का प्रकोप हो जाता है, जिससे वात-पित्त जनित व अजीर्णजन्य रोगों का प्रादुर्भाव होता है। अपनी पाचनशक्ति के अनुकूल मात्रा में हलका सुपाच्य आहार लेना और शुद्ध …

Read More ..

गुरुकृपा है रक्षक और जीवन-परिवर्तक


पूज्य बापू जी एक घटना है स्वामी राम के जीवन की। एक तो हो गये स्वामी रामतीर्थ, जो टिहरी में रहते थे, जिन्होंने देश-परदेश में ब्रह्मज्ञान का डंका बजाया था। दूसरे हो गये स्वामी राम जिनका देहरादून में अभी आश्रम है। उनके गुरु बड़े उच्च कोटि के संत थे। स्वामी राम को गुरु ने आज्ञा …

Read More ..