गुरु के सत्संग-सान्निध्य का मूल्य
बाबा गम्भीरनाथ नाथ सम्प्रदाय के एक सिद्ध योगी थे। एक बार वे गया के पास एक पहाड़ पर विराजमान थे। उन्हें भीड़ बिल्कुल पसंद न थी किंतु जब साधक दर्शन के लिए आते तो उन्हें सत्संगामृत का पान कराते। जिस पहाड़ पर बाबा जी विराजमान थे, उसी पहाड़ की तलहटी में चोर-लुटेरों का एक गाँव …