ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

आध्यात्मिक खजाना भरने का सुवर्णकालः चतुर्मास


पूज्य बापू जी  (27 जुलाई 2015 से 22 नवम्बर 2015 तक) चतुर्मास में किया हुआ  व्रत, जप, संयम, दान, स्नान बहुत अधिक फल देता है। इन दिनों में स्त्री सहवास करने से मानव का पतन होता है। यही कारण है कि चतुर्मास में शादी-विवाह आदि सकाम कर्म नहीं किये जाते हैं। इन चार महीनों में …

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आत्मज्ञान पाने तक सदगुरु करते हैं मार्गदर्शन


भगताँ महाराज नाम के एक ब्राह्मण जोधपुर राज्य के फूलमाल गाँव में रहते थे। एक बार एक महात्मा उनके घर पधारे और उनकी गर्भवती पत्नी को देखकर बोलेः “देवी ! तुम्हारे गर्भ में संत का वास है।” समय बीतने पर सुंदर-सलोने शिशु का जन्म हुआ पर पति-पत्नी चिंतित रहने लगे कि कहीं बेटा बड़ा होने …

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स्वतंत्रता दिवस पर पूज्य बापू जी का संदेश षड्यंत्रों से बचें, संयमी, साहसी और बुद्धिमान बनें


(15 अगस्त 1999 को दिया गया संदेश) भारतवासियों में हनुमान जी जैसा बल-वीर्य, साहस, सेवाभाव और संयम आये। जब तक साहस, सेवा और संयम नहीं आयेंगे, तब तक एक ठग से, एक शोषक से बचेंगे तो दूसरे शोषक आकर शोषण करेंगे। होता भी ऐसे ही है। पहले शोषक राजाओं से बचें तो अंग्रेज शोषक आ …

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