जब रघुराई बने ‘सेन नाई’ – पूज्य बापू जी
‘भक्तमाल’ में एक कथा आती हैः बघेलखंड के बांधवगड़ में राजा वीरसिंह का राज्य था । वीरसिंह बड़ा भाग्यशाली रहा होगा क्योंकि भगवन्नाम का जप करने वाले, परम संतोषी एवं उदार सेन नाई उसकी सेवा करते थे । सेन नाई भगवद्भक्त थे । उनके मन में मंत्रजप निरंतर चलता ही रहता था । संत-मंडली ने …