ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

दुःखनाशक अचूक औषधि भगवन्नाम


पूज्य बापू जी किसी दुःख मुसीबत में फँसे हैं और भगवान का नाम लेते हैं तो जैसे डकैतों में फँसा व्यक्ति मदद के लिए चिल्लाता है, ऐसे ही भगवन्नाम एक पुकार है। और व्यक्ति को पुकारो, वह सुने – न सुने, समर्थ हो या कायर हो लेकिन भगवान सुनते हैं और समर्थ हैं। कायरता का …

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देश में यौन-उत्पीड़न के मामलों की बाढ़ः न्यायालय


केन्द्र सरकार कानून में जरूरी संशोधन करे – मा. न्यायाधीश वीरेन्द्र भट्ट बलात्कार एवं यौन उत्पीड़न से संबंधित नये कानूनों की आड़ में पिछले एक वर्ष में यौन उत्पीड़न और बलात्कार के झूठे मामलों की बाढ़ आ गयी है। मार्च 2013 में एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज हुआ परंतु जाँच में आरोप झूठा पाया …

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शीतकाल में बलसंवर्धनार्थः


मालिश शीतकाल बलंसवंर्धन का काल है। इस काल में सम्पूर्ण वर्ष के लिए शरीर में शक्ति का संचय किया जाता है। शक्ति के लिए केवल पौष्टिक, बलवर्धक पदार्थों का सेवन ही पर्याप्त नहीं है अपितु  मालिश (अभ्यंग), आसन, व्यायाम भी आवश्यक हैं। शीतकाल में मालिश विशेष लाभकारी हैं। आयुर्वेद के श्रेष्ठ आचार्य श्री सुश्रुताचार्य जी …

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