ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

अभी न किया तो कब करोगे ? – पूज्य बापू जी


तुम जितनी देर शांत बैठते हो, निःसंकल्प बैठते हो उतनी तुम्हारी आत्मिक ऊर्जा, आत्मिक आभा, परमात्मिक शक्ति संचित होती है, तुम्हारा सामर्थ्य बढ़ता है। एक संत से किसी ने कहाः “हम तो गृहस्थी हैं, संसारी हैं। हम तो एकांत में नहीं रह सकते, शक्तिसम्पन्न नहीं हो सकते।” संत ने कहाः “आप एक लोटे दूध को …

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विद्या वही जो बंधनों से मुक्त करे – पूज्य बापूजी


जो भगवान के शुद्ध ज्ञान में शांत रहना सीखता है, मिले हुए सामर्थ्य का सदुपयोग करता है उसके जीवन में शक्तियाँ आती हैं और निर्भयता आती हैं। ऐसा नहीं कि मिली हुई सुविधा का उपयोग मोबाइल में गंदे गाने भरकर करे, यह तो लोफरों का काम है। जीवन को महकाने के समय मोबाइल फोन में …

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स्त्रियों के भूषण सात सदगुण – पूज्य बापू जी


जिस स्त्री में सात दिव्य गुण होते हैं, उसमें साक्षात भगवान का ओज तेज निवास करता है। एक है ʹकीर्तिʹ अर्थात् आसपास के लोगों का आपके ऊपर विश्वास हो। अड़ोस-पड़ोस के लोग आप में विश्वास करें, ऐसी आप सदाचारिणी हो जाओ। यह भगवान की कीर्ति का गुण है। लोगों का विश्वास हो कि ʹयह महिला …

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