अभी न किया तो कब करोगे ? – पूज्य बापू जी
तुम जितनी देर शांत बैठते हो, निःसंकल्प बैठते हो उतनी तुम्हारी आत्मिक ऊर्जा, आत्मिक आभा, परमात्मिक शक्ति संचित होती है, तुम्हारा सामर्थ्य बढ़ता है। एक संत से किसी ने कहाः “हम तो गृहस्थी हैं, संसारी हैं। हम तो एकांत में नहीं रह सकते, शक्तिसम्पन्न नहीं हो सकते।” संत ने कहाः “आप एक लोटे दूध को …