सत्संग करे सुख-दुःख से पार – पूज्य बापू जी
भगवान श्री कृष्ण कहते हैं- सुखं वा यदि वा दुःखं से योगी परमो मतः। सुखद अवस्था आये चाहे दुःखद अवस्था आये, जो सुख और दुःख से परे मुझ साक्षी में, मुझ आत्मा में विश्रांति पा लेता है उस योगी की बुद्धि परम बुद्धि है। जो निगुरे लोग होते हैं, जिनकी अल्प मति होती है, जिनके …