ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

पौष्टिक व बल-बुद्धिवर्धक तिल


तिल बलप्रदायक, बुद्धि व वीर्यवर्धक, जठराग्नि-प्रदीपक, वातशामक व कफ-पित्त प्रकोपक हैं। काले, सफेद और लाल तिलों में काले तिल श्रेष्ठ हैं। 100 ग्राम तिलों में 1450 मि.ग्रा. इतनी प्रचंड मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है। जिससे ये अस्थि, संधि (जोड़ों), केश व दाँतों को मजबूत बनाते हैं। आयुर्वेद के अनुसार सभी तेलों में तिल का …

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पल-पल सहारा मिलता है…


आज से 14-15 साल पहले मैंने टी.वी. पर पूज्य बापू जी का सत्संग सुना और उनके प्रत्यक्ष दर्शन की खूब इच्छा जागृत हो गयी। 1-2 साल बाद इत्तेफाक से बापू जी से मेरी मुलाकात जोधपुर हवाई जहाज में हो गयी, तब बापू जी ने मेरा नाम ʹआत्मसुधाʹ रख दिया। जब मैं बापू जी को पुकारती …

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ʹमातृ-पितृ पूजन दिवसʹ पर्व के प्रवर्तक एवं ʹप्रेरणा सभाʹ के अध्यक्ष – पूज्य संत श्री आशारामजी बापू


कोई ईसाई नहीं चाहता कि ʹमेरी कन्या लोफरों की भोग्या हो जाय।ʹ कोई मुसलमान नहीं चाहता, ʹमेरी कन्या हवसखोरी की शिकार हो जायʹ और हिन्दू तो कैसे चाहेगा ! दिन-दहाड़े युवक युवती को, युवती युवक को फूल देगी, ʹआई लव यूʹ बोलेगी, एक-दूसरे को स्पर्श करेंगे तो रज-वीर्य नाश होगा, अकारण चश्मा आ जायेगा, जवानी …

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