ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

दबंग बापू


ऐसा कोई नाम याद करना चाहें जिनका सब कुछ दबंग हो तो जो नाम मुख में आता है, वह है – आध्यात्मिक गुरु पूज्य संत श्री आशारामजी बापू ! दबंग प्राकट्य जन्म के बाद तो हर कोई खुशियाँ मनाता है, लेकिन बापू जी के धरती पर प्राकट्य से पहले ही एक अजनबी सौदागर सुंदर और …

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अपना वास्तविक स्वरूप जानो !


महर्षि पराशर अपने शिष्य मैत्रेय को जीव के वास्तविक स्वरूप का ज्ञान देते हुए कहते हैं- “हे शिष्य ! सुख-दुःख, हर्ष-शोक, धर्म-अधर्म का जो ज्ञाता है, जिससे ग्रहण-त्याग दोनों सिद्ध होते हैं तथा स्थूल, सूक्ष्म व कारण तीनों शरीर और उनके धर्म जिसके द्वारा प्रकाशित नहीं कर सकता, वह चैतन्य स्वयं ज्योति तुम्हारा स्वरूप है। …

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वाह यार ! तेरी लीला…. – पूज्य बापू जी


मैं 17 दिसम्बर (2012) की रात्रि को हरिद्वार आश्रम में जल्दी सो गया था तो दो बजे आँख खुली। जोरों की बरसात हो गयी थी। मैं कुटिया के चारों तरफ घूमने निकला। एक मकड़ी ने ऐसा जाला बुना था कि मैंने कहाः ʹदेख लो, कैसा कलाकार बैठा है ! कैसा कौशल भरा हुआ है !ʹ …

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