ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

भगवान के भी काम आ जाओ – पूज्य बापू जी


जिन्होंने भगवान के सत्स्वभाव को पाया है, चैतन्य स्वभाव को पाया है, आत्मानंद स्वभाव को पाया है, ऐसे सद्गुरुओं के नजरिये से ही हमारी मान्यताओं के जाले कटते हैं। नहीं तो शास्त्र और सामाजिक व्यवस्था, हमारे रीति-रिवाज की व्यवस्था हमको ऐसे बंधनों में बाँध देती है कि उधर से निकले तो उधर फँसे, एक से …

Read More ..

आत्मानंद प्राप्ति का सरल उपाय


श्री समर्थ रामदास स्वामी ने ब्रह्मज्ञानी श्री गुरुदेव की महिमा को बड़े ही रहस्यपूर्ण ढंग से गाया हैः ‘हे सद्गुरुदेव ! आप सुख के सागर हैं, आनंदस्वरूप हैं, आपमें दुःख का लेश भी नहीं है और आप निर्मल होकर एक का भी जहाँ अंत हो  जाता है, ऐसे केवल स्वरूपानुभवरूप है। आप इस कलियुगरूपी गंदगी …

Read More ..

परम हितैषी गुरु की वाणी बिना विचार करे शुभ जानी


पूज्य बापू जी की अमृतवाणी गणेशपुरी (महाराष्ट्र) में मुक्तानंद बाबा हो गये। उनके गुरु का नाम था नित्यानंद स्वामी। नित्यानंद जी के पास एक भक्त दर्शन करने के लिए आता था। उसका नाम था देवराव। वह काननगढ़ में मास्टर था। देवराव खूब श्रद्धा-भाव से अपने गुरु को एकटक देखता रहता था। सन् 1955 की घटना …

Read More ..