ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

भूषणानां भूषणं क्षमा


एक साधक ने अपने दामाद को तीन लाख रूपये व्यापार के लिये दिये। उसका व्यापार बहुत अच्छा जम गया लेकिन उसने रूपये ससुरजी को नहीं लौटाये। आखिर दोनों में झगड़ा हो गया। झगड़ा इस सीमा तक बढ़ गया कि दोनों का एक दूसरे के यहाँ आना जाना बिल्कुल बंद हो गया। घृणा व द्वेष का …

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भगवान की प्रीति पाने का मासः माघ मास


(माघ मास व्रतः 19 जनवरी से 18 फरवरी) ‘पद्म पुराण’ के उत्तर खण्ड में माघ मास के माहात्म्य का वर्णन करते हुए कहा गया है कि व्रत, दान व तपस्या से भी भगवान श्रीहरि को उतनी प्रसन्नता नहीं होती, जितनी माघ मास में ब्राह्ममुहूर्त में उठकर स्नानमात्र से होती है। व्रतैर्दानस्तपोभिश्च न तथा प्रीयते हरिः। …

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आठ गुणों का विकास, जीवन में लाये ज्ञान-प्रकाश


(पूज्य बापू जी की बोधमयी अमृतवाणी) अगर आपको अपना व्यक्तित्व निखारना है, अपना प्रभाव विकसित करना है तो जीवन में आठ सदगुण ले आईये। ये आठ सदगुण और नौवीं आरोग्यप्रद ‘स्थलबस्ति’ आपके प्रभाव में चार चाँद लगायेंगे। कितना भी साधारण आदमी हो, तुच्छ हो तो भी वह बड़ा प्रभावशाली हो जायेगा। कला प्रभावोत्पादक मानवीय व्यवहारः …

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