ऋषि प्रसाद

सांसारिक, आध्यात्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य, साँस्कृतिक शिक्षा, मोक्ष के सोपान – ऋषि प्रसाद। हरि ओम्।

जीवन का दृष्टिकोण उन्नत बनाती है ‘गीता’


(श्रीमदभगवदगीता जयंतीः 17 दिसम्बर 2010) (पूज्य बापू जी की सारगर्भित अमृतवाणी) ‘यह मेरा हृदय है’ – ऐसा अगर किसी ग्रंथ के लिए भगवान ने कहा तो वह गीता का ग्रंथ है। गीता में हृदयं पार्थ। ‘गीता मेरा हृदय है।’ अन्य किसी ग्रंथ के लिए भगवान ने यह नहीं कहा है कि ‘यह मेरा हृदय है।’ …

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कैंसर की गांठ तो क्या, अज्ञान-ग्रन्थि से भी मुक्त करा रहे हैं गुरुवर


परम पूज्य गुरूदेव के श्रीचरणों में कोटि-कोटि प्रणाम ! मैं एक शिक्षिका हूँ और झारखण्ड में रहती हूँ। मेरा भाई रथीनपाल मैंगलोर (कर्नाटक) में एक एल्यूमीनियम की फैक्ट्री में कार्यरत है। वह पिछले तीन वर्षों से गले और जीभ के घाव से बहुत पीड़ित था। कुछ भी खाने पीने में उसे बहुत तकलीफ होती थी। …

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वीर्य कैसे बनता है ?


वीर्य शरीर की बहुत मूल्यवान धातु है। भोजन से वीर्य बनने की प्रक्रिया बड़ी लम्बी है। श्री सुश्रुताचार्य ने लिखा हैः रसाद्रक्तं ततो मांसं मांसान्मेदः प्रजायते। मेदस्यास्थिः ततो मज्जा मज्जायाः शुक्र संभवः।। जो भोजन पचता है, उसका पहले रस बनता है। पाँच दिन तक उसका पाचन होकर रक्त बनता है। पाँच दिन बाद रक्त से …

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